Wednesday, 31 December 2025

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 1 : 29

पवित्र बीजक  : प्रग्या बोध  : बेलि  : 1 : 29

बेलि  : 1 : 29

कहहिं  कबीर  सुनो  संतो , हो  रमैया राम ! 

शब्द  अर्थ  : 

कहहिं कबीर  = कबीर  कहते  है  , कबीर  बताते  है  !  सुनो  संतो  = सुनो  संत  जनो , सभ्य   जन मानव !  हो  रमैया राम = हे  राममय  साधु  संतो  ! 

प्रग्या बोध ; 

परमात्मा  कबीर  बेलि  के  इस  पद  में  कहते  है भाईयों  आप  सब  साधु  संत  है  विचारी  लोग  है  ! धर्म  ज़िग्यासू   है  इसी  लिये  मेरे  पास आये  हो  आप  सब  समजदार  लोग  है  विदेशी  यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और  मुलभारतिय  हिन्दू  धर्म  में  क्या  भेद  है  आप  समज  सकते  हो ! मै  कहता  हूँ  विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और  मुलभारतिय  हिन्दू  धर्म अलग  अलग  है  ! विदेशी  यूरेशियन  वैदिक  ब्राह्मणधर्म   वेद  और  भेद  मनुस्मृती  जातिवाद  ऊचनीच  भेदाभेद  छुवाछुत अस्पृष्यता  शोषण  गुलामी  पुंजीवाद  वसाहतवाद   अंधश्रद्धा  जनेऊ  गाय  बैल घोडे  की  बली  सोमरस दारू  देवदासी , स्त्री शोषण , लंपट  ब्रह्मा  विष्णु  इन्द्र  आदी  को  देवता  मानता  है  ! ऐसी  विकृत  इनकी  संस्कृती  है  दरअसल  ये अधर्म और  विकृती  है   ! आप  सब  ग्यानी  लोग  है  साधु  है  संत  है  राम  को  पहचानते  हो  जानते  हो  ! राम  का  धर्म  संकृति  ये  नही  ! राम  भेदाभेद  नही  करता  ! हमारा  धर्म  मुलभारतिय  हिन्दूधर्म  समता  ममता शिल  सदाचार  भाईचारा  का  धर्म  है  ! जाती  वर्ण  का  हमारा   धर्म  नही  ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती 
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान,  
कल्याण, अखण्ड हिन्दुस्तान,  शिवशृष्टी

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