पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 1 : 29
बेलि : 1 : 29
कहहिं कबीर सुनो संतो , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
कहहिं कबीर = कबीर कहते है , कबीर बताते है ! सुनो संतो = सुनो संत जनो , सभ्य जन मानव ! हो रमैया राम = हे राममय साधु संतो !
प्रग्या बोध ;
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों आप सब साधु संत है विचारी लोग है ! धर्म ज़िग्यासू है इसी लिये मेरे पास आये हो आप सब समजदार लोग है विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और मुलभारतिय हिन्दू धर्म में क्या भेद है आप समज सकते हो ! मै कहता हूँ विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और मुलभारतिय हिन्दू धर्म अलग अलग है ! विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म वेद और भेद मनुस्मृती जातिवाद ऊचनीच भेदाभेद छुवाछुत अस्पृष्यता शोषण गुलामी पुंजीवाद वसाहतवाद अंधश्रद्धा जनेऊ गाय बैल घोडे की बली सोमरस दारू देवदासी , स्त्री शोषण , लंपट ब्रह्मा विष्णु इन्द्र आदी को देवता मानता है ! ऐसी विकृत इनकी संस्कृती है दरअसल ये अधर्म और विकृती है ! आप सब ग्यानी लोग है साधु है संत है राम को पहचानते हो जानते हो ! राम का धर्म संकृति ये नही ! राम भेदाभेद नही करता ! हमारा धर्म मुलभारतिय हिन्दूधर्म समता ममता शिल सदाचार भाईचारा का धर्म है ! जाती वर्ण का हमारा धर्म नही !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान,
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