पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : हिण्डोला : 1 : 16
हिण्डोला : 1 : 16
तहाँ से बिछुरे बहु कल्प बीते , भूमि परे भूलाय !
शब्द अर्थ :
तहाँ से = चेतन तत्व राम प्रग्या बोध से ! बिछुरे = अलग हुवे ! बहु कल्प बीते = बहुत समय हुवा है ! भुमि परे भूलाय = पृथ्वी पर जन्म लेते है भूल गये !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर हिण्डोला के इस पद में कहते. है भाईयों आप वस्तुता वो चेतन तत्व राम मालिक है जो निराकार निर्गुण अजर अमर सर्वव्यापी सार्वभौंम परमात्मा हो ! पर आप पृथ्वी पर जीव जन्तु प्राणी पक्षी आदी जन्म लेते ही खुद की जानकारी भूल कर मर्त्य जीव बन कर कुशल अकुशल कर्म करते हो ! और उसके परिणाम स्वरूप बार बार जन्म लेते हो मरते हो ! तुम्हे तुम क्या हो याद नही पर मै याद दिलाना चाहता हूँ क्यू की तुम दुख्ख भरे भवचक्र जन्म मृत्यू के फेरे से धर्म पालन कर बच सको !
धर्म पालन करो अधर्म को छोडो तो तुम्हे तुम्हारे वास्तविक स्वरूप का पता चले , कुछ याद आये !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान
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