Sunday, 11 January 2026

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 2 : 10

पवित्र बीजक : प्रग्या बोध  : बेलि  : 2 : 10

बेलि  : 2 : 10 

तहाँ  खोज  कैसे  होय , हो  रमैया  राम ! 

शब्द  अर्थ  : 

तहाँ  = वहाँ  वैदिक  धर्म  में  ! खोज  = सत्य  ग्यान  ! कैसे  होय  = किस  प्रकार  होगा  ! हो रमैया राम = हे  सज्जन  लोगो  ! 

प्रग्या  बोध : 

परमात्मा  कबीर  बेलि  के  इस  पद  में  कहते  है भाईयों  यूरेशियन  वैदिक  ब्राह्मणधर्म  में  न  केवल  वर्णवाद  जातीवाद  विषमता  छुवाछुत  अस्पृष्यता शोषण  सतीप्रथा  गुलामी  पुंजीवाद  वसाहतवाद अंधश्रद्धा  जनेऊ  सोवला  बलात्कारी  देव  झूठे  अवतार  जैसा  अधर्म  और  विकृती  है  वहाँ  ब्राहमिनो ने  मुलभारतिय  शुद्र  अस्पृष्य कहे  जाने  वाले  लोग  वर्ण  ही  नही  दुसरे  मुलभारतिय हिन्दूधर्मी  लोग  वैश्य  और  क्षत्रिय  को  भी  ग्यान  , गुरू  पद  से  वंचित  कर  दिया  है  !  य़हा  तक  की  शुद्र  वेद  ना  सुने  नही  तो  उनके  कान में  गर्म  शिशा  ड़ाले  एसा  ऊँहोने  उनके  धर्म  का  कानुन  बनाया  है  !  ग्यान  और  सत्य  की  खोज  पर  वहा  बन्दी  है  एसा  विचित्र  धर्म  संसार  में  अन्य  कोई  नही  ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती 
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान 
कल्याण , अखण्ड हिन्दुस्तान, शिवशृष्टी

No comments:

Post a Comment