Wednesday, 14 January 2026

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 2 : 13

पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 2 : 13

बेलि : 2 : 13 

फिर पाछे जनि हेरहु , हो रमैया राम ! 

शब्द अर्थ : 

फिर पाछे = बादमे ! जनि हेरहु = जानना , समझ मे आना ! 

प्रग्या बोध : 

परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों गलती एक बार होती है पर बार बार गलती कर बादमे पछताने से क्या फायदा ? आप सब जानते हो विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म आपको निच अस्पृष्य मानता है और ये कोई एक दिन की बात नही तब भी आपको अक्ल नही आ रही है तो कब समझ आयेगी ? और मृत्यू के बाद आप क्या खाक अच्छा धर्म निभा पावोगे ! यही समय है सुधरनेका ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती 
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान 
कल्याण , अखण्ड हिन्दुस्तान, शिवशृष्टी

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