Sunday, 4 January 2026

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 2 : 3

पवित्र बीजक :  प्रग्या बोध  : बेलि  : 2 : 3

बेलि  : 2 : 3

सो  तो  है  बंसी  कसी  , हो रमैया राम ! 

शब्द  अर्थ  : 

सो  तो  है  = वह  तो  है !   बंसी  कसी  = बावन  कसी  ! 

प्रग्या बोध : 

परमात्मा  कबीर  बेलि  के  इस  पद  में  कहते  है भाईयों  हमे  अच्छी  तरह  सोच  समझकर  और  खरी  खोटी  जांच  कर  कुछ  कसौंटीया  लगाकर  ही  वस्तु  हो  य़ा  जीवन  धर्मग्यान  लेना  चाहिये  जैसे  सोना  हम  लेते  है  बावन  कसी  शुद्ध  सोना  वैसे  ही  धर्म की  परख  होनी  चाहिये  ! साधु  संतो  बतावो  क्या  विदेशी  यूरेशियन  वैदिक ब्राह्मणधर्म जो  वेद  और  भेद  जाती  और  वर्ण मनुस्मृती  ऊचनीच  भेदाभेद  अस्पृष्यता  शोषण  छुवाछुत  गुलामी पुंजीवाद वसाहतवाद अंधश्रद्धा जनेऊ सोवला बालात्कारी  ब्रह्मा  विष्णु इन्द्र   आदी  को  देव  मानता  है  हत्या  बली  दारू  , नाच  गाना  धिंगाना  देवदासी  स्त्री  शोषण लंपटवृती  को  धर्म  मानना  चाहिये  या  अधर्म  ? संस्कृती  मानना  चाहिये  या  विकृती  ?  भाईयों  परख  करना  सिखो   ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती 
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान,
कल्याण , अखण्ड हिन्दुस्तान, शिवशृष्टी

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