Monday, 5 January 2026

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 2 : 4

पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 2 : 4

बेलि : 2 : 4

सो रे कियेहु विश्वास , हो रमैया राम ! 

शब्द अर्थ : 

सो रे = वह ! कियेहु विश्वास = भरोसा किया , मान्यता दी ! हो रमैया राम = राम को मानने वाले ! 

प्राग्या बोध :  

परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों तुम तो राम को मानने वाले मुलभारतिय हिन्दुधर्मी हो , शिल सदाचार भाईचारा समता ममता विश्वबंधुत्व एकेश्वर निराकार निर्गुन चेतन तत्व राम को मानने वाले हो ! जाती वर्ण ऊचनीच भेदाभेद छुवाछुत अस्पृष्यता शोषण गुलामी पुंजीवाद वसाहतवाद अंधश्रद्धा जनेऊ सोवला लंपट ब्रह्मा विष्णु इन्द्र आदी ब्राह्मण देवता को न मानने वाले सिंधु हिन्दू धर्म संस्कृती के आदिवाशी लोग हो फिर तुमने विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म जो मुलता तुम्हारे अहित मे है उसे क्यू मानते हो ? कितने नादान भोले हो तुम अपना हित अहित नही पहचानते , शत्रू मित्र नही पहचानते ! धर्म अधर्म नही पहचानते , संकृति विकृती नही पहचानते ! भाई ये तो मूर्खता होगी ! इतने मूर्ख अंधविश्वासी ना बनो ! इस मूर्खता से बाहर आवो ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती मुलभारतिय  
हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान 
कल्याण , अखण्ड हिन्दुस्तान, शिवशृष्टी

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