बेलि : 2 : 15
कहहिं कबीर सुनो सन्तो , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
कहहिं कबीर = कबीर कहते है ! सुनो सन्तो = सुनो साधु संतो ! हो रमैया राम = हे सद पुरूषो , राम को मानने वाले !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों मेरी बात सुनो चेतन तत्व राम से सब की निर्मिती हुवी है और यहाँ जो कुछ है नही है सब कुछ राम ही है वह निराकार निर्गुण चेतन राम हम सब में है और हम सब उसमे , अन्दर बाहर सब वोही है वही एकमात्र मालक चालक परमात्मा परमपिता है वही जुडता टूटता रहता है वही सत्य शिव सुन्दर है ! उसे जानो पहचानो ! उसे जानने पहचाननेका मार्ग है सत्य मुलभारतिय हिन्दूधर्म के शिल सदाचार का आचरण पलान अन्य कोई मार्ग नही ! धर्म पालन से हम उसके नजदिक जाते है और अधर्म पालन से दुर ! विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म धर्म है ही नही वो अधर्म और विकृती है तो तुम्हे वहा राम , आराम सुख शांती काहाँ से मिलेगी ? भाई मुलभारतिय हिन्दूधर्म राम का धर्म है उसका पालन करो !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान
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