पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 2 : 2
बेलि : 2 : 2
धोखे कियेउ विश्वास , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
धोखे = धोखेबाज , अविश्वासनिय , भरोसे के काबिल नही ! कियेउ = किया ! विश्वास = भरोसा !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों भरोसा करना , विश्वास करना अच्छी बात है पर जो बार बार भरोसा तोडे एसे जग विख्यात अविश्वनीय लोगों पर विश्वस कर अंध भक्त हो कर अपना अनमोल मानव जीवन लगाना मूर्खता होगी जैसे की विदेशी ब्राह्मण पर कभी भरोसा नही किया जा सकता वो स्वाभव से ही बडा झूठा मक्कार और लालची है उसमे वर्ण का अहंकार कुट कुट कर भरा पडा है वह भ्रम और भ्रामक कथा कहानिया बनाकर लोगोंसे दान दाक्षिना एटता है ! उसका वैदिक यूरेशियन ब्राह्मणधर्म और मनुस्मृती का उसका कानुन ही अधर्म पाप झूठ मक्कारी विकृती असमानता गैर बारबरी ऊचनीच भेदाभीद अस्पृष्यता छुवाछुत को धर्म बताता है , अवतार , प्राणप्रतिष्ठा असत्य नारायण कथा पाठ पूजा होम हवन बली दारू देवदासी प्रथा बाल बिवाह , सती प्रथा से स्त्री शोषण के लिये जग विख्यात है ! एसे विकृत संस्कृती और अधर्म से भरे पापी ब्राह्मण पर भरोसा करना ही महामूर्खता है ! इस से बचो अपने मुलभारतिय हिन्दुधर्म का पालन करो !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
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